आबकारी अफसर के 7 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा




  • खरे के इंदौर में दो, भोपाल, रायसेन और छतरपुर में एक-एक ठिकाने पर एक साथ की कार्रवाई

  • इंदौर के फ्लैट में ताला लगा मिला तो टीम ने उसी पर सील लगा दी


भोपाल. लोकायुक्त पुलिस की टीम ने मंगलवार सुबह सहायक आबकारी आयुक्त आलोक कुमार खरे के 7 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें भोपाल में दो, इंदौर में दो, रायसेन में दो और छतरपुर में एक जगह एक साथ छापेमारी की। खरे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी, जिस पर लोकायुक्त पुलिस ने यह कार्रवाई की। आलोक खरे वर्तमान में इंदौर में तैनात हैं। 


 


लोकायुक्त डीएसपी नवीन अवस्थी का कहना है कि ये प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई हो सकती है। प्रारंभिक जांच में ही करीब 100 करोड़ से अधिक की संपति का खुलासा हो चुका है। इंदौर के पॉश इलाके में एक पैंट हाउस और एक बंगले का पता चला है। यहां से तीन किलो सोना मिलने की भी खबर है। इंदौर के जिस फ्लैट में आलोक खरे रहते थे, उस पर ताला था। लोकायुक्त की टीम ने ताले पर ही सील लगा दी। वहीं, कलेक्टर कार्यालय के जिस कक्ष में वह बैठते थे वहां भी छानबीन की गई है।


 


वहीं, भोपाल के चूनाभट्टी और बाग मुगालियां में दो बड़े बंगले और कोलार में फार्म हाउस की जमीन का पता चला है। रायसेन में दो फार्म हाउस का भी खुलासा हुआ। नवीन अवस्थी ने बताया कि लोकायुक्त टीम के 70 सदस्य एक साथ सात जगह कार्रवाई कर रहे हैं। इन ठिकानों में एक दर्जन से अधिक लग्जरी गाड़ियां मिल चुकी हैं। इंदौर के बंगले से 10 लाख रुपए और रायसेन के फार्म हाउस से पांच लाख रुपए कैश मिले हैं। 


 


सहायक आबकारी आयुक्त खरे का छतरपुर स्थित निवास की कीमत भी करोड़ों रुपए में बताई जा रही है। सूचना यह भी है कि खरे के छतरपुर स्थित निवास से विदेशी मुद्रा भी मिली। रायसेन स्थित खरे का लग्जरी फार्म हाउस देखकर लोकायुक्त टीम भी हैरान रह गई। 


 


इंदौर में कार्रवाई करने के लिए इंदौर लोकायुक्त टीम की मदद ली गई। इंदौर के ग्रेंड एक्सओटिका सहित एक अन्य स्थान पर जब टीम पहुंची तो उन्हें ताला मिला। खरे ने दिखा रखा है कि उनकी पत्नी रायसेन में फलों की खेती करती हैं और वे पत्नी के नाम से ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे थे